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Sharad Purnima 2022 Date: शरद पूर्णिमा कब है? जानें इस दिन क्यों खाते हैं चांद की रोशनी में रखी खीर By #वनिता #कासनियां #पंजाब🌺🙏🙏🌺 Sharad Purnima 2022 Date: अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को रास पूर्णिमा या शरद पूर्णिमा कहा जाता है. शरद पूर्णिमा की रात्रि पर चंद्रमा पृथ्वी के सबसे निकट होता है. इस दिन चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से परिपूर्ण रहता है. चंद्रमा की किरणें अमृत की वर्षा करती हैं. #facebook #twitter जानें, शरद पूर्णिमा की चमत्कारी खीर खाने से क्या होते हैं फायदे Sharad Purnima 2022 Date: हर माह में पूर्णिमा आती है, लेकिन शरद पूर्णिमा का महत्व ज्यादा खास बताया गया है. #हिंदू #धर्म #ग्रंथों में भी इस पूर्णिमा को विशेष बताया गया है. अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को रास पूर्णिमा या शरद पूर्णिमा कहा जाता है. शरद पूर्णिमा की रात्रि पर #चंद्रमा #पृथ्वी के सबसे निकट होता है. इस दिन चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से परिपूर्ण रहता है. चंद्रमा की किरणें अमृत की वर्षा करती हैं. इस साल शरद पूर्णिमा 09 अक्टूबर को पड़ रही है. शरद पूर्णिमा की तिथि अश्विन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा यानी शरद पूर्णिमा तिथि रविवार, 09 अक्टूबर 2022 को सुबह 03 बजकर 41 मिनट से शुरू होगी. पूर्णिमा तिथि अगले दिन सोमवार, 10 अक्टूबर 2022 को सुबह 02 बजकर 25 मिनट पर समाप्त होगी. #शास्त्रों के अनुसार, शरद पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी अपनी सवारी उल्लू पर सवार होकर धरती पर भ्रमण करती हैं और अपने भक्तों की समस्याओं को दूर करने के लिए वरदान देती हैं. पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक, इसी दिन मां लक्ष्मी का जन्म हुआ था. इसलिए धन प्राप्ति के लिए भी ये तिथि सबसे उत्तम मानी जाती है. #Vnita शरद पूर्णिमा पर खीर का सेवन मान्यता है कि शरद पूर्णिमा पर चंद्रमा की किरणों में रखी खीर का सेवन करने से रोगों से मुक्ति मिलती है. इस खीर को चर्म रोग से परेशान लोगों के लिए भी अच्छा बताया जाता है. ये खीर आंखों से जुड़ी बीमारियों से परेशान लोगों को भी बहुत लाभ पहुंचाती है. इसके अलावा भी इसे कई मायनों में खास माना जाता है. अपार #धन पाने के लिए उपाय रात के समय मां लक्ष्मी के सामने #घी का #दीपक जलाएं. उन्हें #गुलाब के #फूलों की माला अर्पित करें. उन्हें सफेद मिठाई और सुगंध भी अर्पित करें. "ॐ ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद महालक्ष्मये नमः" का जाप करें. मां लक्ष्मी जीवन की तमाम समस्याओं का समाधान कर सकती हैं. बस उनते सच्चे मन से अपनी बात पहुंचानी होगी और जब धरती पर साक्षात आएं तो इससे पावन घड़ी और क्या हो सकती है. #शरद_पूर्णिमा #राजस्थान #हरियाणा #संगरिया वर्ष के बारह महीनों में ये पूर्णिमा ऐसी है, जो तन, मन और धन तीनों के लिए सर्वश्रेष्ठ होती है। इस पूर्णिमा को चंद्रमा की किरणों से अमृत की वर्षा होती है, तो धन की देवी महालक्ष्मी रात को ये देखने के लिए निकलती हैं कि कौन जाग रहा है और वह अपने कर्मनिष्ठ भक्तों को धन-धान्य से भरपूर करती हैं। शरद_ पूर्णिमा का एक नाम *कोजागरी पूर्णिमा* भी है यानी लक्ष्मी जी पूछती हैं- कौन जाग रहा है? अश्विनी महीने की पूर्णिमा को चंद्रमा अश्विनी नक्षत्र में होता है इसलिए इस महीने का नाम अश्विनी पड़ा है। एक महीने में चंद्रमा जिन 27 नक्षत्रों में भ्रमण करता है, उनमें ये सबसे पहला है और #आश्विन_नक्षत्र की पूर्णिमा आरोग्य देती है। केवल शरद_पूर्णिमा को ही चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से संपूर्ण होता है और पृथ्वी के सबसे ज्यादा निकट भी। चंद्रमा की किरणों से इस पूर्णिमा को अमृत बरसता है। #बाल #वनिता #महिला #वृद्ध #आश्रम वर्ष भर इस #पूर्णिमा की प्रतीक्षा करते हैं। जीवनदायिनी रोगनाशक जड़ी-बूटियों को वह शरद पूर्णिमा की चांदनी में रखते हैं। अमृत से नहाई इन जड़ी-बूटियों से जब दवा बनायी जाती है तो वह रोगी के ऊपर तुंरत असर करती है। चंद्रमा को वेदं-पुराणों में मन के समान माना गया है- चंद्रमा_मनसो_जात:।वायु पुराण में चंद्रमा को जल का कारक बताया गया है। प्राचीन ग्रंथों में चंद्रमा को औषधीश यानी औषधियों का स्वामी कहा गया है। ब्रह्मपुराण के अनुसार- सोम या चंद्रमा से जो सुधामय तेज पृथ्वी पर गिरता है उसी से औषधियों की उत्पत्ति हुई और जब औषधी 16 कला संपूर्ण हो तो अनुमान लगाइए उस दिन औषधियों को कितना बल मिलेगा। #शरद_पूर्णिमा की शीतल चांदनी में रखी खीर खाने से शरीर के सभी रोग दूर होते हैं। ज्येष्ठ, आषाढ़, सावन और भाद्रपद मास में शरीर में पित्त का जो संचय हो जाता है, शरद पूर्णिमा की शीतल धवल चांदनी में रखी #खीर खाने से पित्त बाहर निकलता है। लेकिन इस #खीर को एक विशेष विधि से बनाया जाता है। पूरी रात चांद की चांदनी में रखने के बाद सुबह खाली पेट यह खीर खाने से सभी रोग दूर होते हैं, शरीर निरोगी होता है। #शरद_पूर्णिमा को रास पूर्णिमा भी कहते हैं। स्वयं सोलह कला संपूर्ण भगवान श्रीकृष्ण से भी जुड़ी है यह पूर्णिमा। इस रात को अपनी राधा रानी और अन्य सखियों के साथ श्रीकृष्ण महारास रचाते हैं। कहते हैं जब वृन्दावन में भगवान कृष्ण महारास रचा रहे थे तो चंद्रमा आसमान से सब देख रहा था और वह इतना भाव-विभोर हुआ कि उसने अपनी शीतलता के साथ पृथ्वी पर #अमृत_की_वर्षा आरंभ कर दी। गुजरात में #शरद_पूर्णिमा को लोग रास रचाते हैं और गरबा खेलते हैं। मणिपुर में भी श्रीकृष्ण भक्त रास रचाते हैं। पश्चिम बंगाल और ओडिशा में शरद पूर्णिमा की रात को महालक्ष्मी की विधि-विधान के साथ पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस पूर्णिमा को जो महालक्ष्मी का पूजन करते हैं और रात भर जागते हैं, उनकी सभी कामनाओं की पूर्ति होती है। ओडिशा में #शरद_पूर्णिमा को #कुमार_पूर्णिमा के नाम से मनाया जाता है। आदिदेव महादेव और देवी पार्वती के पुत्र कार्तिकेय का जन्म इसी पूर्णिमा को हुआ था। गौर वर्ण, आकर्षक, सुंदर कार्तिकेय की पूजा कुंवारी लड़कियां उनके जैसा पति पाने के लिए करती हैं। #शरद_पूर्णिमा ऐसे महीने में आती है, जब वर्षा ऋतु अंतिम समय पर होती है। शरद ऋतु अपने बाल्यकाल में होती है और हेमंत ऋतु आरंभ हो चुकी होती है और इसी पूर्णिमा से कार्तिक स्नान प्रारंभ हो जाता है। #घटता_बढ़ता_चांद यहाँ हर कोई #उस चांद सा है.. जो कभी बढ़ रहा है तो कभी घट रहा है.. वो कभी #पूर्णिमा की रात सा रोशनी बिखेर रहा है.. तो कभी #अमावस की रात में एक अंधेरे सा हो रहा है.. यहाँ हर किसी की यही फितरत है.. हम खुद भी इसका अपवाद नही है.. हम सब ऐसे ही बने हैं ऐसे ही बनाये गए हैं.. यकीं न हो तो पल भर को सोचिए की आखिर क्यूँ हर सुबह जब हम सोकर उठते हैं.. तो हम पिछली सुबह से अलग होते हैं.. #कभी_कमजोर.. तो कभी_ताकतवर महसूस करते हैं.. मसला बस इतना सा है, की #हम_हर_दिन दूसरों को बस पूर्णिमा का चांद सा देखना चाहते हैं.. इस सच से बेखबर की घटना/बढ़ना हम सभी की फितरत है.. इसमें कुछ भी नया नही है.. हम खुद भी अक्सर पूर्णिमा के चाँद से अमावस का चांद होने की राह पर होते हैं.. हम खुद भी कमजोर हो रहे होते हैं.. बस हम इसे देख नही पाते.. अपनी नासमझी में हम शायद कुदरत के इस सबसे बड़े कायदे को ही भूल बैठे हैं.. अगर इस तरह घटना बढ़ना ही हमारी फितरत है.. तो आखिर सुकून क्या है.. #अपने_अहंकार, #अपनी_ज़िद्द से कहीँ दूर किसी कोने में बैठकर.. खुद में और दूसरों में घटते बढ़ते इस चांद को देखना.. उसे महसूस करना.. इस कुदरत को समझना. उसके कायदों को समझना..#फिर_हल्के_से_मुस्कुराना.. बस यही सुकून है..🙏🙏 (ये पोस्ट वनिता कासनियां पंजाब किसी ने भेजा था l) ॐ। 9 अक्तूबर २०२२ रविवार #शरद #पूर्णिमा है , #अश्विन मास की शरद पूर्णिमा बेहद खास होती है क्योंकि साल में एक बार आने वाली ये पूर्णिमा शरद पूर्णिमा कहलाती है. इसे कुछ लोग #रास पूर्णिमा के नाम से भी जानते हैं. क्योंकि #श्रीकृष्ण ने महारास किया था। कहा जाता है कि इस रात में #खीर को खुले आसमान में चंद्रमा के प्रकाश में रखा जाता है और उसे प्रसाद के रूप में खाया जाता है. बता दें इस बार शरद पूर्णिमा 5 अक्टूबर गुरुवार आज है. सनातन परंपरा के अनुसार कहा जाता है कि शरद पूर्णिमा की रात्रि पर चंद्रमा पृथ्वी के सबसे निकट होता है. मान्यता है की शरद पूर्णिमा की रात चन्द्रमा 16 कलाओं से संपन्न होकर अमृत वर्षा करता है. जो स्वास्थ्य के लिए गुणकारी होती है. इस रात लोग मान्यता के अनुसार खुले में खीर बनाकर रखते हैं और सुबह उसे सब के बीच में बांटा जाता है. यही कारण है कि इस रात लोग अपनी छतों पर या चंद्रमा के आगे खीर बनाकर रखते हैं और प्रसाद के रूप में खीर को बांटा जाता है। बड़ी ही उत्तम तिथि है शरद पूर्णिमा. इसे #कोजागरी व्रत के रूप में भी मनाया जाता है. कहते हैं ये दिन इतना शुभ और सकारात्मक होता है कि छोटे से उपाय से बड़ी-बड़ी विपत्तियां टल जाती हैं. पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक इसी दिन मां #लक्ष्मी का जन्म हुआ था. इसलिए धन प्राप्ति के लिए भी ये तिथि सबसे उत्तम मानी जाती है. इस दिन प्रेमावतार भगवान श्रीकृष्ण, धन की देवी मां लक्ष्मी और सोलह कलाओं वाले चंद्रमा की उपासना से अलग-अलग वरदान प्राप्त किए जाते है शरद पूर्णिमा का महत्व - शरद पूर्णिमा काफी महत्वपूर्ण तिथि है, इसी तिथि से शरद ऋतु का आरम्भ होता है. - इस दिन चन्द्रमा संपूर्ण और #सोलह कलाओं से युक्त होता है. - इस दिन चन्द्रमा से #अमृत की वर्षा होती है जो धन, प्रेम और सेहत तीनों देती है. - #प्रेम और #कलाओं से परिपूर्ण होने के कारण श्री कृष्ण ने इसी दिन महारास रचाया था. - इस दिन विशेष प्रयोग करके बेहतरीन #सेहत, अपार #प्रेम और खूब सारा #धन पाया जा सकता है - पर #प्रयोगों के लिए कुछ सावधानियों और नियमों के पालन की आवश्यकता है. इस बार शरद पूर्णिमा 05 अक्टूबर को होगी शरद पूर्णिमा पर यदि आप कोई महाप्रयोग कर रहे हैं तो पहले इस तिथि के नियमों और सावधानियों के बारे में जान लेना जरूरी है. शरद पूर्णिमा #व्रत विधि - पूर्णिमा के दिन सुबह में #इष्ट #देव का पूजन करना चाहिए. - #इन्द्र और #महालक्ष्मी जी का पूजन करके घी के दीपक जलाकर उसकी गन्ध पुष्प आदि से पूजा करनी चाहिए. - #गरीब बे #सहारा को खीर का भोजन कराना चाहिए और उन्हें दान दक्षिणा प्रदान करनी चाहिए. - लक्ष्मी प्राप्ति के लिए इस व्रत को विशेष रुप से किया जाता है. इस दिन जागरण करने वालों की धन-संपत्ति में वृद्धि होती है. - रात को चन्द्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही भोजन करना चाहिए. - #गरीबों में खीर आदि #दान करने का विधि-विधान है. ऐसा माना जाता है कि इस दिन चांद की चांदनी से अमृत बरसता है. शरद पूर्णिमा की सावधानियां - इस दिन पूर्ण रूप से जल और फल ग्रहण करके उपवास रखने का प्रयास करें. - उपवास ना भी रखें तो भी इस दिन सात्विक आहार ही ग्रहण करना चाहिए. - इस दिन काले रंग का प्रयोग न करें, चमकदार सफेद रंग के वस्त्र धारण करें तो ज्यादा अच्छा होगा. अगर आप शरद पूर्णिमा का पूर्ण शुभ फल पाना चाहते हैं तो ऊपर दिए गए इन नियमों को ध्यान में जरूर रखिएगा। #शरद_पूर्णिमा के दिन इस #व्रत_कथा को पढ़ने और सुनने से #मां_लक्ष्मी होती हैं प्रसन्न। #शरद_पूर्णिमा ९ अक्टूबर को है. शरद पूर्णिमा आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को मनाया जाता है. हिंदू मान्यताओं के अनुसार, शरद पूर्णिमा को कौमुदी यानी मूनलाइट में खीर को रखा जाता है. क्योंकि चंद्रमा की किरणों से अमृत की बारिश होती है. इस दिन शाम को मां लक्ष्मी का विधि-विधान से पूजन किया जाता है. मान्यता है कि सच्चे मन ने पूजा- अराधना करने वाले भक्तों पर मां लक्ष्मी कृपा बरसाती हैं. #शरद_पूर्णिमा_की_पौराणिक_कथा #शरद_पूर्णिमा की पौराणिक कथा के अनुसार, बहुत पुराने समय की बात है एक नगर में एक सेठ (साहूकार) को दो बेटियां थीं. दोनो पुत्रियां पूर्णिमा का व्रत रखती थीं. लेकिन बड़ी पुत्री पूरा व्रत करती थी और छोटी पुत्री अधूरा व्रत करती थी. इसका परिणाम यह हुआ कि छोटी पुत्री की संतान पैदा होते ही मर जाती थी. उसने पंडितों से इसका कारण पूछा तो उन्होंने बताया की तुम पूर्णिमा का अधूरा व्रत करती थी, जिसके कारण तुम्हारी संतान पैदा होते ही मर जाती है. पूर्णिमा का पूरा व्रत विधिपूर्वक करने से तुम्हारी संतान जीवित रह सकती है. उसने हिंदू धर्म की सलाह पर पूर्णिमा का पूरा व्रत विधिपूर्वक किया. बाद में उसे एक लड़का पैदा हुआ. जो कुछ दिनों बाद ही फिर से मर गया. उसने लड़के को एक पाटे (पीढ़ा) पर लेटा कर ऊपर से कपड़ा ढंक दिया. फिर बड़ी बहन को बुलाकर लाई और बैठने के लिए वही पाटा दे दिया. बड़ी बहन जब उस पर बैठने लगी जो उसका घाघरा बच्चे को छू गया. बच्चा घाघरा छूते ही रोने लगा. तब बड़ी बहन ने कहा कि तुम मुझे कलंक लगाना चाहती थी. मेरे बैठने से यह मर जाता. तब छोटी बहन बोली कि यह तो पहले से मरा हुआ था. तेरे ही भाग्य से यह जीवित हो गया है. तेरे पुण्य से ही यह जीवित हुआ है. उसके बाद नगर में उसने पूर्णिमा का पूरा व्रत करने का ढिंढोरा पिटवा दिया. . #शरद_पूर्णिमा का वैज्ञानिक महत्व रोगियों के लिए वरदान हैं शरद पूर्णिमा की रात एक अध्ययन के अनुसार शरद पूर्णिमा के दिन औषधियों की स्पंदन क्षमता अधिक होती है। रसाकर्षण के कारण जब अंदर का पदार्थ सांद्र होने लगता है, तब रिक्तिकाओं से विशेष प्रकार की ध्वनि उत्पन्न होती है। लंकाधिपति रावण शरद पूर्णिमा की रात किरणों को दर्पण के माध्यम से अपनी नाभि पर ग्रहण करता था। इस प्रक्रिया से उसे पुनर्योवन शक्ति प्राप्त होती थी। चांदनी रात में 10 से मध्यरात्रि 12 बजे के बीच कम वस्त्रों में घूमने वाले व्यक्ति को ऊर्जा प्राप्त होती है। सोमचक्र, नक्षत्रीय चक्र और आश्विन के त्रिकोण के कारण शरद ऋतु से ऊर्जा का संग्रह होता है और बसंत में निग्रह होता है। अध्ययन के अनुसार दुग्ध में लैक्टिक अम्ल और अमृत तत्व होता है। यह तत्व किरणों से अधिक मात्रा में शक्ति का शोषण करता है। चावल में स्टार्च होने के कारण यह प्रक्रिया और आसान हो जाती है। इसी कारण ऋषि-मुनियों ने शरद पूर्णिमा की रात्रि में खीर खुले आसमान में रखने का विधान किया है। यह परंपरा विज्ञान पर आधारित है। शोध के अनुसार खीर को चांदी के पात्र में बनाना चाहिए। चांदी में प्रतिरोधकता अधिक होती है। इससे विषाणु दूर रहते हैं। हल्दी का उपयोग निषिद्ध है। प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम 30 मिनट तक शरद पूर्णिमा का स्नान करना चाहिए। रात्रि 10 से 12 बजे तक का समय उपयुक्त रहता है। वर्ष में एक बार शरद पूर्णिमा की रात दमा रोगियों के लिए वरदान बनकर आती है। इस रात्रि में दिव्य औषधि को खीर में मिलाकर उसे चांदनी रात में रखकर प्रात: 4 बजे सेवन किया जाता है। रोगी को रात्रि जागरण करना पड़ता है और औ‍षधि सेवन के पश्चात 2-3 किमी पैदल चलना लाभदायक रहता है।

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समस्त देशवासियों को ‘विजयादशमी’ की हार्दिक शुभकामनाएं।बुराई पर अच्छाई, अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की जीत का यह महापर्व सभी के जीवन में नई ऊर्जा व प्रेरणा का संचार करे। देशवासियों को विजय के प्रतीक-पर्व विजयादशमी की बहुत-बहुत बधाई। मेरी कामना है कि यह पावन अवसर हर किसी के जीवन में साहस, संयम और सकारात्मक ऊर्जा लेकर आए।#बाल #वनिता #महिला #वृद्ध #आश्रम #संगरिया #राजस्थान #पंजाब #हरियाणा#देखना साथ हीं छूटे न #बुजुर्गों 👴👵का कहीं ,पत्ते🌿☘️ पेड़ों पर लगे हों तो हरे रहते हैं |🌳#अंतर्राष्ट्रीय_वृद्धजन_दिवस 🌺पर सभी देवतुल्य बुजुर्गों को मेरी तरफ से हार्दिक शुभकामनाएं |🌹सुख ,समृद्धि और स्वाभिमान को संजोनेवाले बुजुर्ग हमारे समाज की धरोहर है उनका सम्मान करें।नतमस्तक नमन🌺💐☘️🌹💐🎖️🙏🙏🙏

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#बाल #वनिता #महिला #वृद्ध #आश्रम #संगरिया #राजस्थान #पंजाब #हरियाणा#देखना साथ हीं छूटे न #बुजुर्गों 👴👵का कहीं ,पत्ते🌿☘️ पेड़ों पर लगे हों तो हरे रहते हैं |🌳#अंतर्राष्ट्रीय_वृद्धजन_दिवस 🌺पर सभी देवतुल्य बुजुर्गों को मेरी तरफ से हार्दिक शुभकामनाएं |🌹सुख ,समृद्धि और स्वाभिमान को संजोनेवाले बुजुर्ग हमारे समाज की धरोहर है उनका सम्मान करें।नतमस्तक नमन🌺💐☘️🌹💐🎖️🙏🙏🙏समस्त देशवासियों को ‘विजयादशमी’ की हार्दिक शुभकामनाएं।बुराई पर अच्छाई, अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की जीत का यह महापर्व सभी के जीवन में नई ऊर्जा व प्रेरणा का संचार करे। देशवासियों को विजय के प्रतीक-पर्व विजयादशमी की बहुत-बहुत बधाई। मेरी कामना है कि यह पावन अवसर हर किसी के जीवन में साहस, संयम और सकारात्मक ऊर्जा लेकर आए।#बाल #वनिता #महिला #वृद्ध #आश्रम #संगरिया #राजस्थान #पंजाब #हरियाणा#देखना साथ हीं छूटे न #बुजुर्गों 👴👵का कहीं ,पत्ते🌿☘️ पेड़ों पर लगे हों तो हरे रहते हैं |🌳#अंतर्राष्ट्रीय_वृद्धजन_दिवस 🌺पर सभी देवतुल्य बुजुर्गों को मेरी तरफ से हार्दिक शुभकामनाएं |🌹सुख ,समृद्धि और स्वाभिमान को संजोनेवाले बुजुर्ग हमारे समाज की धरोहर है उनका सम्मान करें।नतमस्तक नमन🌺💐☘️🌹💐🎖️🙏🙏🙏#बाल #वनिता #महिला #वृद्ध #आश्रम #संगरिया #राजस्थान #पंजाब #हरियाणा#देखना साथ हीं छूटे न #बुजुर्गों 👴👵का कहीं ,पत्ते🌿☘️ पेड़ों पर लगे हों तो हरे रहते हैं |🌳#अंतर्राष्ट्रीय_वृद्धजन_दिवस 🌺पर सभी देवतुल्य बुजुर्गों को मेरी तरफ से हार्दिक शुभकामनाएं |🌹सुख ,समृद्धि और स्वाभिमान को संजोनेवाले बुजुर्ग हमारे समाज की धरोहर है उनका सम्मान करें।नतमस्तक नमन🌺💐☘️🌹💐🎖️🙏🙏🙏ईश्वर कौन है ?कौन चलाता है यह दुनियां को ??? कहाँ है ईश्वर??तुम माँ के पेट में थे नौ महीने तक, कोई दुकान तो चलाते नहीं थे,फिर भी जिए।हाथ—पैर भी न थे कि भोजन कर लो,फिर भी जिए।श्वास लेने का भीउपाय न था,फिर भी जिए।नौ महीने माँ के पेट में तुम थे,कैसे जिए?तुम्हारी मर्जी क्या थी?किसकी मर्जी से जिए?फिर माँ के गर्भ से जन्म हुआ, जन्मते ही, जन्म के पहले ही माँ के स्तनों में दूध भर आया,किसकी मर्जी से?अभी दूध को पीनेवालाआने ही वाला है किदूध तैयार है,किसकी मर्जी से?गर्भ से बाहर होते हीतुमने कभी इसके पहलेसाँस नहीं ली थी माँ के पेट मेंतो माँ की साँस से हीकाम चलता था—लेकिन जैसे ही तुम्हेंमाँ से बाहर होने काअवसर आया,तत्क्षण तुमने साँस ली,किसने सिखाया?पहले कभी साँस ली नहीं थी,किसी पाठशाला में गए नहीं थे,किसने सिखाया कैसे साँस लो?किसकी मर्जी से?फिर कौन पचाता है तुम्हारे दूध कोजो तुम पीते हो,और तुम्हारे भोजन को?कौन उसे हड्डी—मांस—मज्जा में बदलता है?किसने तुम्हें जीवन कीसारी प्रक्रियाएँ दी हैं?कौन जब तुम थक जाते होतुम्हें सुला देता है?और कौन जब तुम्हारीनींद पूरी हो जाती हैतुम्हें उठा देता है?कौन चलाता है इन चाँद—सूर्यों को?कौन इन वृक्षों को हरा रखता है?कौन खिलाता है फूलअनंत—अनंत रंगों केऔर गंधों के?इतने विराट का आयोजनजिस स्रोत से चल रहा है,एक तुम्हारी छोटी—सी जिंदगीउसके सहारे न चल सकेगी?थोड़ा सोचो,थोड़ा ध्यान करो।अगर इस विराट के आयोजन कोतुम चलते हुए देख रहे हो,कहीं तो कोई व्यवधान नहीं है,सब सुंदर चल रहा है,सुंदरतम चल रहा है;ईश्वर दिखता नही बल्कि दिखाता हैईश्वर सुनता नही बल्कि सुनने की शक्ति देता हैसंसार में कोई भी वस्तु बिना बनाये नही बनती अतः संसार भी किसी ने अवश्य बनाया हैयही तो ईश्वर है।

#बाल #वनिता #महिला #वृद्ध #आश्रम #संगरिया #राजस्थान #पंजाब #हरियाणा #देखना साथ हीं छूटे न #बुजुर्गों 👴👵का कहीं , पत्ते🌿☘️ पेड़ों पर लगे हों तो हरे रहते हैं |🌳 #अंतर्राष्ट्रीय_वृद्धजन_दिवस 🌺 पर सभी देवतुल्य बुजुर्गों को मेरी तरफ से हार्दिक शुभकामनाएं |🌹 सुख ,समृद्धि और स्वाभिमान को संजोनेवाले बुजुर्ग हमारे समाज की धरोहर है उनका सम्मान करें। नतमस्तक नमन🌺💐☘️🌹💐🎖️🙏🙏🙏 समस्त देशवासियों को ‘विजयादशमी’ की हार्दिक शुभकामनाएं। बुराई पर अच्छाई, अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की जीत का यह महापर्व सभी के जीवन में नई ऊर्जा व प्रेरणा का संचार करे।  देशवासियों को विजय के प्रतीक-पर्व विजयादशमी की बहुत-बहुत बधाई। मेरी कामना है कि यह पावन अवसर हर किसी के जीवन में साहस, संयम और सकारात्मक ऊर्जा लेकर आए। #बाल #वनिता #महिला #वृद्ध #आश्रम #संगरिया #राजस्थान #पंजाब #हरियाणा #देखना साथ हीं छूटे न #बुजुर्गों 👴👵का कहीं , पत्ते🌿☘️ पेड़ों पर लगे हों तो हरे रहते हैं |🌳 #अंतर्राष्ट्रीय_वृद्धजन_दिवस 🌺 पर सभी देवतुल्य बुजुर्गों को मेरी तरफ से हार्दिक शुभकामनाएं |🌹 सुख ,समृद्धि और स्वा...

जिस माँ-बाप ने हमें बोलना सिखाया आज हम उसे ही चुप करा देते हैं।सबकुछ मिल जाता है दुनिया में मगर याद रखना की बस माँ-बाप नहीं मिलते, मुरझा के जो गिर जाये एक बार डाली से ये ऐसे फुल है जो फिर नहीं खिलते।दम तोड़ देती है माँ-बाप की ममता जब बच्चे कहते है की तुमने हमारे लिए किया ही क्या है।किसी भी मुश्किल का अब हल नहीं मिलता शायद अब घर से कोई माँ के पैर छुकर नहीं निकलता।माँ-बाप उम्र से नहीं फिकर से बूढ़े होते है।चाहे लाख करो तुम पूजा और तीर्थ कर हजार, मगर माँ-बाप को ठुकराया तो सबकुछ है बेकार।रिश्ते निभाकर ये जान लिया हमने माँ-बाप के सिवा कोई अपना नहीं होता।माँ-बाप हमें बचपन में शहजादों की तरह पालते है तो हमारा भी फर्ज बनता है की बुढ़ापे में हम उन्हें बादशाहों की तरह रखें।माँ-बाप की तकलीफों को कभी नजरअंदाज मत करना, जब ये बिछड़ जाते है तो रेशम के तकिये पर भी नींद नहीं आती।माँ की ममता और पिता की क्षमता का अंदाजा लगाना असंभव है।लोग माता-पिता की नसीहत तो भूल जाते है लेकिन वसीहत नहीं भूलते।शौक तो माँ-बाप के पैसों से पुरे होते है अपने पैसों से तो सिर्फ जरूरतें पूरी होती है।किसी ने माँ के कंधें पर सर रख के पूछा की माँ कब तक अपने कंधे पर सोने दोगी, माँ बोली जब तक लोग मुझे अपने कंधे पर न उठा ले।कुछ ना पा सके तो क्या गम है, माँ-बाप को पाया है ये क्या कम है, जो थोड़ी सी जगह मिली इनके क़दमों में वो क्या किसी जन्नत से कम है।एक रोटी के चार टुकड़े हो और खाने वाले पाँच तब "मुझे भूख नहीं है" ऐसा कहने वाली सिर्फ माँ होती है।हर बात को तुम भूलो भले माँ-बाप को मत भूलना, उपकार इनके लाखों है इस बात को मत भूलना।एक हस्ती है जो जान है मेरी, जो आन से बढ़कर मान है मेरी, खुदा हुकुम दे तो कर दू सजदा उसे क्यों की वो कोई और नहीं माँ है मेरी।वनिता कासनियां पंजाब द्वाराधरती पर ईश्वर की तलाश है, मालिक तेरा बन्दा कितना निराश है, क्यों खोजता है इंसान ईश्वर को जबकि तेरे दुसरे रूप में माँ-बाप उनके इतने पास है।

जिस माँ-बाप ने हमें बोलना सिखाया आज हम उसे ही चुप करा देते हैं। सबकुछ मिल जाता है दुनिया में मगर याद रखना की बस माँ-बाप नहीं मिलते, मुरझा के जो गिर जाये एक बार डाली से ये ऐसे फुल है जो फिर नहीं खिलते। दम तोड़ देती है माँ-बाप की ममता जब बच्चे कहते है की तुमने हमारे लिए किया ही क्या है। किसी भी मुश्किल का अब हल नहीं मिलता शायद अब घर से कोई माँ के पैर छुकर नहीं निकलता। माँ-बाप उम्र से नहीं फिकर से बूढ़े होते है। चाहे लाख करो तुम पूजा और तीर्थ कर हजार, मगर माँ-बाप को ठुकराया तो सबकुछ है बेकार। रिश्ते निभाकर ये जान लिया हमने माँ-बाप के सिवा कोई अपना नहीं होता। माँ-बाप हमें बचपन में शहजादों की तरह पालते है तो हमारा भी फर्ज बनता है की बुढ़ापे में हम उन्हें बादशाहों की तरह रखें। माँ-बाप की तकलीफों को कभी नजरअंदाज मत करना, जब ये बिछड़ जाते है तो रेशम के तकिये पर भी नींद नहीं आती। माँ की ममता और पिता की क्षमता का अंदाजा लगाना असंभव है। लोग माता-पिता की नसीहत तो भूल जाते है लेकिन वसीहत नहीं भूलते। शौक तो माँ-बाप के पैसों से पुरे होते है अपने पैसों से तो सिर्फ जरूरतें पूरी होती है। किस...

'जय जवान-जय किसान’ के उद्‍घोषक,पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन।सरलता व सादगी के प्रतीक शास्त्री जी ने अपने प्रेरणादायी विचारों से जन-जन में राष्ट्रीयता व देशप्रेम का संचार किया। उनका दूरदर्शी व्यक्तित्व समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

'जय जवान-जय किसान’ के उद्‍घोषक,पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन। सरलता व सादगी के प्रतीक शास्त्री जी ने अपने प्रेरणादायी विचारों से जन-जन में राष्ट्रीयता व देशप्रेम का संचार किया। उनका दूरदर्शी व्यक्तित्व समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

कुछ ना पा सके तो क्या गम है, माँ-बाप को पाया है ये क्या कम है, जो थोड़ी सी जगह मिली इनके क़दमों में वो क्या किसी जन्नत से कम है।By वनिता कासनियां पंजाबएक रोटी के चार टुकड़े हो और खाने वाले पाँच तब "मुझे भूख नहीं है" ऐसा कहने वाली सिर्फ माँ होती है।हर बात को तुम भूलो भले माँ-बाप को मत भूलना, उपकार इनके लाखों है इस बात को मत भूलना।एक हस्ती है जो जान है मेरी, जो आन से बढ़कर मान है मेरी, खुदा हुकुम दे तो कर दू सजदा उसे क्यों की वो कोई और नहीं माँ है मेरी।धरती पर ईश्वर की तलाश है, मालिक तेरा बन्दा कितना निराश है, क्यों खोजता है इंसान ईश्वर को जबकि तेरे दुसरे रूप में माँ-बाप उनके इतने पास है।

कुछ ना पा सके तो क्या गम है, माँ-बाप को पाया है ये क्या कम है, जो थोड़ी सी जगह मिली इनके क़दमों में वो क्या किसी जन्नत से कम है। By वनिता कासनियां पंजाब एक रोटी के चार टुकड़े हो और खाने वाले पाँच तब "मुझे भूख नहीं है" ऐसा कहने वाली सिर्फ माँ होती है। हर बात को तुम भूलो भले माँ-बाप को मत भूलना, उपकार इनके लाखों है इस बात को मत भूलना। एक हस्ती है जो जान है मेरी, जो आन से बढ़कर मान है मेरी, खुदा हुकुम दे तो कर दू सजदा उसे क्यों की वो कोई और नहीं माँ है मेरी। धरती पर ईश्वर की तलाश है, मालिक तेरा बन्दा कितना निराश है, क्यों खोजता है इंसान ईश्वर को जबकि तेरे दुसरे रूप में माँ-बाप उनके इतने पास है।

छाना थेपड़ी और छाछ राबड़ी फेर याद दीरानी है, होकड़ो आव होकड़ों आव बा रीत फेर चलानी है,गर्व हूं केव आपना टाबरिया के मेह ठेठ बागड़ी हां इसी मान्यता मावड़ी न दिरानी है बागड़ी दिवस गी मोकली मोकली बधाई #बागड़ी_पर_गर्व_करो_शर्म नही#जय_ #बागड़ी🙏 जय श्री कृष्ण जय श्री हरि 🙏भगवान् कृष्ण ने जब देह छोड़ा तो उनका अंतिम संस्कार किया गया , उनका सारा शरीर तो पांच तत्त्व में मिल गया लेकिन उनका हृदय बिलकुल सामान्य एक जिन्दा आदमी की तरह धड़क रहा था और वो बिलकुल सुरक्षित था , उनका हृदय आज तक सुरक्षित है जो भगवान् जगन्नाथ की काठ की मूर्ति के अंदर रहता है और उसी तरह धड़कता है , ये बात बहुत कम लोगो को पता हैमहाप्रभु का महा रहस्यसोने की झाड़ू से होती है सफाई......महाप्रभु जगन्नाथ(श्री कृष्ण) को कलियुग का भगवान भी कहते है.... पुरी(उड़ीसा) में जग्गनाथ स्वामी अपनी बहन सुभद्रा और भाई बलराम के साथ निवास करते है... मगर रहस्य ऐसे है कि आजतक कोई न जान पायाहर 12 साल में महाप्रभु की मूर्ती को बदला जाता है,उस समय पूरे पुरी शहर में ब्लैकआउट किया जाता है यानी पूरे शहर की लाइट बंद की जाती है। लाइट बंद होने के बाद मंदिर परिसर को crpf की सेना चारो तरफ से घेर लेती है...उस समय कोई भी मंदिर में नही जा सकता...मंदिर के अंदर घना अंधेरा रहता है...पुजारी की आँखों मे पट्टी बंधी होती है...पुजारी के हाथ मे दस्ताने होते है..वो पुरानी मूर्ती से "ब्रह्म पदार्थ" निकालता है और नई मूर्ती में डाल देता है...ये ब्रह्म पदार्थ क्या है आजतक किसी को नही पता...इसे आजतक किसी ने नही देखा. ..हज़ारो सालो से ये एक मूर्ती से दूसरी मूर्ती में ट्रांसफर किया जा रहा है...ये एक अलौकिक पदार्थ है जिसको छूने मात्र से किसी इंसान के जिस्म के चिथड़े उड़ जाए... इस ब्रह्म पदार्थ का संबंध भगवान श्री कृष्ण से है...मगर ये क्या है ,कोई नही जानता... ये पूरी प्रक्रिया हर 12 साल में एक बार होती है...उस समय सुरक्षा बहुत ज्यादा होती है... मगर आजतक कोई भी पुजारी ये नही बता पाया की महाप्रभु जगन्नाथ की मूर्ती में आखिर ऐसा क्या है ??? कुछ पुजारियों का कहना है कि जब हमने उसे हाथमे लिया तो खरगोश जैसा उछल रहा था...आंखों में पट्टी थी...हाथ मे दस्ताने थे तो हम सिर्फ महसूस कर पाए...आज भी हर साल जगन्नाथ यात्रा के उपलक्ष्य में सोने की झाड़ू से पुरी के राजा खुद झाड़ू लगाने आते है...भगवान जगन्नाथ मंदिर के सिंहद्वार से पहला कदम अंदर रखते ही समुद्र की लहरों की आवाज अंदर सुनाई नहीं देती, जबकि आश्चर्य में डाल देने वाली बात यह है कि जैसे ही आप मंदिर से एक कदम बाहर रखेंगे, वैसे ही समुद्र की आवाज सुनाई देंगीआपने ज्यादातर मंदिरों के शिखर पर पक्षी बैठे-उड़ते देखे होंगे, लेकिन जगन्नाथ मंदिर के ऊपर से कोई पक्षी नहीं गुजरता। झंडा हमेशा हवा की उल्टी दिशामे लहराता हैदिन में किसी भी समय भगवान जगन्नाथ मंदिर के मुख्य शिखर की परछाई नहीं बनती।भगवान जगन्नाथ मंदिर के 45 मंजिला शिखर पर स्थित झंडे को रोज बदला जाता है, ऐसी मान्यता है कि अगर एक दिन भी झंडा नहीं बदला गया तो मंदिर 18 सालों के लिए बंद हो जाएगाइसी तरह भगवान जगन्नाथ मंदिर के शिखर पर एक सुदर्शन चक्र भी है, जो हर दिशा से देखने पर आपके मुंह आपकी तरफ दीखता है।भगवान जगन्नाथ मंदिर की रसोई में प्रसाद पकाने के लिए मिट्टी के 7 बर्तन एक-दूसरे के ऊपर रखे जाते हैं, जिसे लकड़ी की आग से ही पकाया जाता है, इस दौरान सबसे ऊपर रखे बर्तन का पकवान पहले पकता है।भगवान जगन्नाथ मंदिर में हर दिन बनने वाला प्रसाद भक्तों के लिए कभी कम नहीं पड़ता, लेकिन हैरान करने वाली बात ये है कि जैसे ही मंदिर के पट बंद होते हैं वैसे ही प्रसाद भी खत्म हो जाता है।वनिता कासनियां पंजाब द्वाराये सब बड़े आश्चर्य की बात हैं.. 🚩 जय श्री जगन्नाथ 🚩 🙏🙏

छाना थेपड़ी और छाछ राबड़ी फेर याद दीरानी है, होकड़ो आव होकड़ों आव बा रीत फेर चलानी है, गर्व हूं केव आपना टाबरिया के मेह ठेठ बागड़ी हां  इसी मान्यता मावड़ी न दिरानी है  बागड़ी दिवस गी मोकली मोकली बधाई   #बागड़ी_पर_गर्व_करो_शर्म नही #जय_ #बागड़ी 🙏 जय श्री कृष्ण जय श्री हरि 🙏 भगवान् कृष्ण ने जब देह छोड़ा तो उनका अंतिम संस्कार किया गया , उनका सारा शरीर तो पांच तत्त्व में मिल गया लेकिन उनका हृदय बिलकुल सामान्य एक जिन्दा आदमी की तरह धड़क रहा था और वो बिलकुल सुरक्षित था , उनका हृदय आज तक सुरक्षित है जो भगवान् जगन्नाथ की काठ की मूर्ति के अंदर रहता है और उसी तरह धड़कता है , ये बात बहुत कम लोगो को पता है महाप्रभु का महा रहस्य सोने की झाड़ू से होती है सफाई...... महाप्रभु जगन्नाथ(श्री कृष्ण) को कलियुग का भगवान भी कहते है.... पुरी(उड़ीसा) में जग्गनाथ स्वामी अपनी बहन सुभद्रा और भाई बलराम के साथ निवास करते है... मगर रहस्य ऐसे है कि आजतक कोई न जान पाया हर 12 साल में महाप्रभु की मूर्ती को बदला जाता है,उस समय पूरे पुरी शहर में ब्लैकआउट किया जाता है यानी पूरे शहर की लाइट बंद की ...

Weapons Of Devi Maa: आज नवरात्री का पहला दिन है. अब से लेकर 9 दिनों तक देवी मां की पूजा आराधना की जाएगी. हम पंडालों पर या घर में मां भगवती की प्रतिमा को देखते हैं पर क्या कभी यह सोचा है की मां जिन अस्‍त्र-शस्‍त्र को धारण करती हैं, उसका उद्देश्‍य क्‍या है या फ‍िर ये कहां से आए?आइए जानते हैं इन अस्त्रों के बारे में कि आखिर #मां #दुर्गा ने ये अस्त्र-शस्त्र क्यों धारण किया था और क्या है इसका महत्व?चक्र- मां #भगवती के हाथों में अपने चक्र देखा होगा . यह अस्त्र माता को भक्तों की रक्षा करने हेतु भगवान विष्णु ने प्रदान किया था. उन्होंने ये चक्र खुद अपने चक्र से उत्पन्न किया था.त्रिशूल- #त्रिशूल को भगवान शंकर ने स्वयं देवी मां को प्रदान किया था. इस त्रिशूल में 3 नोक बने हुए है जो मनुष्य के 3 गुणों के बारे तामस, राजस और सत्त्व के बारे में बताता है. मां दुर्गा की करुणा तीनों गुणों को जीतने और विजयी होने के लिए आवश्यक ज्ञान प्रदान करती है. इस त्रिशुल से देवी ने महिषासुर समेत अन्य असुरों का वध किया था.शंख- मां भगवती के #हाथों में जो शंक है उसे वरुण देव ने भेट किया था. इस शंक से ओम की ध्वनि निकलती है जिससे, धरती, आकाश और पाताल में मौजूद असुर कांप जाते थे.वज्र- माता को यह अस्त्र इंद्रदेव ने प्रदान किया था. उन्होंने अपने वज्र से यह दूसरा वज्र उत्पन्न कर माता को दिया था. यह अस्त्र बहुत शक्तिशाली है. युद्ध मैदान में इसे निकलते ही असुर भाग खड़े होते थे.दंड- यह अस्त्र काल के #देवता #यमराज ने अपने कालदंड से निकाल कर भेट किया था. देवी ने युद्ध भूमि में इसी दंड से दैत्यों को बांधकर धरती घसीटा था.#धनुष-बाण- मां भवानी को धनुष और बाणों से भरा तरकश स्‍वयं पवन देव ने #असुरों का संघार करने के लिए #भेंट किया था.तलवार- देवी मां के हाथों में धारण किया हुआ तलवार और ढाल यमराज ने भेंट किया था. पौराण‍िक कथाओं के अनुसार मां भगवती ने असुरों का संघार इसी तलवार और ढाल से किया था.कमल का फूल- यह भगवान ब्रह्मा ने देवी मां को भेंट किया था. यह इस बात का प्रतीक है कि अर्ध-खिला हुआ कमल सबसे कठिन परिस्थितियों में भी लोगों के विचारों में आध्यात्मिक चेतना को जन्म देता है.भाला- #अग्निदेव के द्वारा माता को यह अस्त्र प्रदान किया गया था. यह #उग्र शक्ति और शुभता का प्रतीक है.फरसा- यह अस्त्र ब्रह्मा पुत्र भगवान #विश्वकर्मा ने भगवती को प्रदान किया था और चंड-मुंड का सर्वनाश करने वाली देवी ने काली का रूप धारण कर हाथों में तलवार और फरसा लेकर ही असुरों का वध किया था.Shardiya Navratri 2022: नवरात्रि में न करें ये काम, वरना दुर्गा जी हो जाएंगी नाराज(disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और #धार्मिक जानकारियों पर आधारित है. #बीजेपी #media इसकी पुष्टि नहीं करता है.)#अमावस्या पर #पितरों की विदाई कैसे करें? #पितृपक्ष की समाप्ति पर पितरों की विदाई कैसे करें। पितृपक्ष की अमावस्या की शाम को सूर्यास्त के समय दीपक जलाते हुए दीपक की लौ से प्रार्थना करना है कि हमारे दिवंगत पूर्वज जो हमारे घर पर, हमारे आसपास, धरती पर आए हैं वह दीपक की लौ की रोशनी पर बैठकर पितृ तृप्त होकर जाएं और हमें आशीर्वाद दें। पितरों की मुक्ति एवं सद्गति हमें सौभाग्य प्राप्त प्रदान प्रदान करें।#वनिता #कासनियां #पंजाब द्वाराश्रद्धा का दीपक जलाकर श्रद्धा का दीपक जलाकर में पितरों को नमन कर रही हूं। यही इस उत्तर का मूल स्रोत है। चित्र सोर्स है गूगल इमेजेस।

Weapons Of Devi Maa: आज नवरात्री का पहला दिन है. अब से लेकर 9 दिनों तक देवी मां की पूजा आराधना की जाएगी. हम पंडालों पर या घर में मां भगवती की प्रतिमा को देखते हैं पर क्या कभी यह सोचा है की मां जिन अस्‍त्र-शस्‍त्र को धारण करती हैं, उसका उद्देश्‍य क्‍या है या फ‍िर ये कहां से आए? आइए जानते हैं इन अस्त्रों के बारे में कि आखिर #मां #दुर्गा ने ये अस्त्र-शस्त्र क्यों धारण किया था और क्या है इसका महत्व? चक्र- मां #भगवती के हाथों में अपने चक्र देखा होगा . यह अस्त्र माता को भक्तों की रक्षा करने हेतु भगवान विष्णु ने प्रदान किया था. उन्होंने ये चक्र खुद अपने चक्र से उत्पन्न किया था. त्रिशूल- #त्रिशूल को भगवान शंकर ने स्वयं देवी मां को प्रदान किया था. इस त्रिशूल में 3 नोक बने हुए है जो मनुष्य के 3 गुणों के बारे तामस, राजस और सत्त्व के बारे में बताता है. मां दुर्गा की करुणा तीनों गुणों को जीतने और विजयी होने के लिए आवश्यक ज्ञान प्रदान करती है. इस त्रिशुल से देवी ने महिषासुर समेत अन्य असुरों का वध किया था. शंख- मां भगवती के #हाथों में जो शंक है उसे वरुण देव ने भेट किया था. इस शंक से ओम की...

अमावस्या पर पितरों की विदाई कैसे करें? पितृपक्ष की समाप्ति पर पितरों की विदाई कैसे करें। पितृपक्ष की अमावस्या की शाम को सूर्यास्त के समय दीपक जलाते हुए दीपक की लौ से प्रार्थना करना है कि हमारे दिवंगत पूर्वज जो हमारे घर पर, हमारे आसपास, धरती पर आए हैं वह दीपक की लौ की रोशनी पर बैठकर पितृ तृप्त होकर जाएं और हमें आशीर्वाद दें। पितरों की मुक्ति एवं सद्गति हमें सौभाग्य प्राप्त प्रदान प्रदान करें।वनिता कासनियां पंजाब द्वाराश्रद्धा का दीपक जलाकर श्रद्धा का दीपक जलाकर में पितरों को नमन कर रही हूं। यही इस उत्तर का मूल स्रोत है। चित्र सोर्स है गूगल इमेजेस।

अमावस्या पर पितरों की विदाई कैसे करें?   पितृपक्ष की समाप्ति पर पितरों की विदाई कैसे करें। पितृपक्ष की अमावस्या की शाम को सूर्यास्त के समय दीपक जलाते हुए दीपक की लौ से प्रार्थना करना है कि हमारे दिवंगत पूर्वज जो हमारे घर पर, हमारे आसपास, धरती पर आए हैं वह दीपक की लौ की रोशनी पर बैठकर पितृ तृप्त होकर जाएं और हमें आशीर्वाद दें। पितरों की मुक्ति एवं सद्गति हमें सौभाग्य प्राप्त प्रदान प्रदान करें। वनिता कासनियां पंजाब द्वारा श्रद्धा का दीपक जलाकर श्रद्धा का दीपक जलाकर में पितरों को नमन कर रही हूं। यही इस उत्तर का मूल स्रोत है। चित्र सोर्स है गूगल इमेजेस।

🪴जय श्री राम🪴श्री कृष्ण द्वारा की गई राम नाम की महिमा का वर्णन कौन-कौन से ग्रंथ में किया गया है?श्रीकृष्ण द्वारा राम नाम की महिमा अनेक ग्रंथों में वर्णित है जैसे पद्मपुराण, आदिपुराण, श्रीमद् भुसुंडीरामायण, श्रीमद वाल्मीकियानंद रामायण इत्यादि।पद्म पुराण में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा राम नाम की महिमा का वर्णन अर्जुन के प्रति निम्न प्रकार है:~अथ श्रीपद्मपुराण वर्णित रामनामामृत स्त्रोत श्रीकृष्ण अर्जुन संवाद~अर्जुन उवाच~१)भुक्तिमुक्तिप्रदातृणां सर्वकामफलप्रदं ।सर्वसिद्धिकरानन्त नमस्तुभ्यं जनार्दन ॥अर्थ:~ सभी भोग और मुक्ति के फल दाता, सभी कर्मों का फल देने वाले, सभी कार्य को सिद्ध करने वाले जनार्दन मैं आपको नमन करता हूं।२)यं कृत्वा श्री जगन्नाथ मानवा यान्ति सद्गतिम् ।ममोपरि कृपां कृत्वा तत्त्वं ब्रहिमुखालयम्।।अर्थ:~हे श्रीजगन्नाथ! मनुष्य ऐसा क्या करें कि उसे अंत में सद्गति हो? वह तत्व क्या है? मेरे पर कृपा करके अपने ब्रह्ममुख से बताइए।श्रीकृष्ण उवाच~१)यदि पृच्छसि कौन्तेय सत्यं सत्यं वदाम्यहम् ।लोकानान्तु हितातार्थाय इह लोके परत्र च ॥अर्थ:~ हे कुंती पुत्र! यदि तुम मुझसे पूछते हो तो मैं सत्य सत्य बताता हूं, इस लोक और परलोक में हित करने वाला क्या है।२)रामनाम सदा पुण्यं नित्यं पठति यो नरः ।अपुत्रो लभते पुत्रं सर्वकामफलप्रदम् ॥अर्थ:~श्रीराम का नाम सदा पुण्य करने वाला नाम है, जो मनुष्य इसका नित्य पाठ करता है उसे पुत्र लाभ मिलता है और सभी कामनाएं पूर्ण होती है।३)मङ्गलानि गृहे तस्य सर्वसौख्यानि भारत।अहोरात्रं च येनोक्तं राम इत्यक्षरद्वयम्।।अर्थ:~हे भारत! उसके घर में सभी प्रकार के सुख और मंगल विराजित हो जाते हैं, जिसने दिन-रात श्रीराम नाम के दो अक्षरों का उच्चारण कर लिया।४)गङ्गा सरस्वती रेवा यमुना सिन्धु पुष्करे।केदारेतूदकं पीतं राम इत्यक्षरद्वयम् ॥अर्थ~जिसने श्रीरामनाम के इन दो अक्षरों का उच्चारण कर लिया उसने श्रीगंगा, सरस्वती, रेवा, यमुना, सिंधु, पुष्कर, केदारनाथ आदि सभी तीर्थों का स्नान, जलपान कर लिया।५)अतिथेः पोषणं चैव सर्व तीर्थावगाहनम् ।सर्वपुण्यं समाप्नोति रामनाम प्रसादतः ।।अर्थ:~उसने अतिथियों का पोषण कर लिया, सभी तीर्थों में स्नान आदि कर लिया, उसने सभी पुण्य कर्म कर लिए जिसने श्रीराम नाम का उच्चारण कर लिया।६)सूर्यपर्व कुरुक्षेत्रे कार्तिक्यां स्वामि दर्शने।कृपापात्रेण वै लब्धं येनोक्तमक्षरद्वयम्।।अर्थ:~उसने सूर्य ग्रहण के समय कुरुक्षेत्र में स्नान कर लिया और कार्तिक पूर्णिमा में कार्तिक जी का दर्शन करके कृपा प्राप्त कर ली जिसने श्रीराम नाम का उच्चारण कर लिया।७)न गंङ्गा न गया काशी नर्मदा चैव पुष्करम् ।सदृशं रामनाम्नस्तु न भवन्ति कदाचन।।अर्थ:~ ना तो गंगा, गया, काशी, प्रयाग, पुष्कर, नर्मदादिक इन सब में कोई भी श्रीराम नाम की महिमा के समक्ष नहीं हो सकते।८)येन दत्तं हुतं तप्तं सदा विष्णुः समर्चितः।जिह्वाग्रे वर्तते यस्य राम इत्यक्षरद्वयम्।।अर्थ:~उसने भांति-भांति के हवन, दान, तप और विष्णु भगवान की आराधना कर ली, जिसकी जिह्वा के अग्रभाग पर श्रीराम नाम के दो अक्षर विराजित हो गए।९)माघस्नानं कृतं येन गयायां पिण्डपातनम् ।सर्वकृत्यं कृतं तेन येनोक्तं रामनामकम्।।अर्थ:~ उसने प्रयागजी में माघ का स्नान कर लिया, गयाजी में पिंडदान कर लिया उसने अपने सभी कार्यों को पूर्ण कर लिया जिसने श्रीराम नाम का उच्चारण कर लिया।१०)प्रायश्चित्तं कृतं तेन महापातकनाशनम् ।तपस्तप्तं च येनोक्तं राम इत्यक्षरद्वयम् ।।अर्थ~उसने अपने सभी महापापों का नाश करके प्रायश्चित कर लिया और तपस्या पूर्ण कर ली जिसने श्रीराम नाम के दो अक्षर का उच्चारण कर लिया।११)चत्वारः पठिता वेदास्सर्वे यज्ञाश्च याजिताः ।त्रिलोकी मोचिता तेन राम इत्यक्षरद्वयम् ।।अर्थ~उसने चारों वेदों का सांगोपांग पाठ कर लिया सभी यज्ञ आदि कर्म कर लिए उसने तीनों लोगों को तार दिया जिसने श्रीराम नाम के दो अक्षर का पाठ कर लिया।१२)भूतले सर्व तीर्थानि आसमुद्रसरांसि च।सेवितानि च येनोक्तं राम इत्यक्षरद्वयम् ।।अर्थ~उसने भूतल पर सभी तीर्थ, समुद्र, सरोवर आदि का सेवन कर लिया जिसने श्रीराम नाम के दो अक्षरों का जाप कर लिया।अर्जुन उवाच~१)यदा म्लेच्छमयी पृथ्वी भविष्यति कलौयुगे ।किं करिष्यति लोकोऽयं पतितो रौरवालये ।।अर्थ~भविष्य में कलयुग आने पर पूरी पृथ्वी मलेच्छ मयी हो जाएगी इसका स्वरूप रौ-रौ नर्क की भांति हो जाएगा तब जीव कौन सा साधन करके परम पद पाएगा?श्रीकृष्ण उवाच~१)न सन्देहस्त्वया काय्र्यो न वक्तव्यं पुनः पुनः ।पापी भवति धर्मात्मा रामनाम प्रभावतः ।।अर्थ~यह संदेह करने योग्य नहीं है, जैसे संदेह व्यर्थ है वैसे बार-बार वक्तव्य देना भी व्यर्थ है। कैसा भी पापी हो श्रीराम नाम के प्रभाव से वह धर्मात्मा हो जाता है२)न म्लेच्छस्पर्शनात्तस्य पापं भवति देहिनः ।तस्मात्प्रमुच्यते जन्तुर्यस्मरेद्रामद्वचत्तरम् ।।अर्थ~उसे मलेच्छ के स्पर्श का भी पाप नहीं होता, मलेच्छ संबंधित पाप भी छूट जाते हैं जो श्रीराम नाम के दो अक्षरों का जाप करते हैं।३)रामस्तत्वमधीयानः श्रद्धाभक्तिसमन्वितः।कुलायुतं समुद्धृत्य रामलोके महीयते ।।अर्थ~जो श्रीराम से संबंध रखने वाले स्त्रोत का पाठ करते हैं तथा जिनकी भक्ति, विश्वास और श्रद्धा श्रीराम में सुदृढ़ है। वह लोग अपने दस हज़ार पीढ़ियों का उद्धार करके श्रीराम के लोक में पूजित होते है।४)रामनामामृतं स्तोत्रं सायं प्रातः पठेन्नरः ।गोघ्नः स्त्रीबालघाती च सर्व पापैः प्रमुच्यते ।।अर्थ~जो सुबह शाम इस रामनामामृत स्त्रोत का पाठ करते हैं वे गौ हत्या, स्त्री और बच्चों को हानि पहुंचाने वाले पाप से भी बच कर मुक्त हो जाते हैं।(इति श्रीपद्मपुराणे रामनामामृत स्त्रोते श्रीकृष्ण अर्जुन संवादे संपूर्णम्)श्रीमद् वाल्मीकियानंद रामायण से कुछ श्लोक उद्धत कर रहा हूं जहां भगवान श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर से श्री राम नाम की महिमा कही है:~1) जो मंत्र भगवान श्री राम ने हनुमान जी को दिया था उसी मंत्र का वर्णन करते हुए श्री कृष्ण युधिष्ठिर से कहते हैं:~श्री कृष्ण उवाच युधिष्ठिर के प्रति~रामनाम्नः परं नास्ति मोक्ष लक्ष्मी प्रदायकम्।तेजोरुपं यद् अवयक्तं रामनाम अभिधियते।।(श्रीमद् वाल्मीकियानंद रामायण~८/७/१६)श्रीकृष्ण युधिष्ठिर से कहते हैं किस शास्त्र में ऐसा कोई भी मंत्र वर्णित नहीं है जो श्रीराम के नाम के बराबर हो जो ऐश्वर्य (धन) और मुक्ति दोनों देने में सक्षम हो। श्रीराम का नाम स्वयं ज्योतिर्मय नाम कहा गया है, जिसको मैं भी व्यक्त नहीं कर सकता।2)मंत्रा नानाविधाः सन्ति शतशो राघवस्य च।तेभ्यस्त्वेकं वदाम्यद्य तव मंत्रं युधिष्ठिर।।श्रीशब्धमाद्य जयशब्दमध्यंजयद्वेयेनापि पुनःप्रयुक्तम्।अनेनैव च मन्त्रेण जपः कार्यः सुमेधसा।( श्रीमद् वाल्मीकियानंद रामायण, 9~7.44,45a,46a)वैसे तो श्रीराघाव के अनेक मन्त्र हैं, किन्तु युधिष्ठिर उनमें से एक उत्तम मन्त्र मैं तुमको बतलाता हूँ । पूर्वमें श्रीराम शब्द, मध्यमें जय शब्द और अन्तमें दो जय शब्दोंसे मिला हुआ (श्रीराम जय राम जय जय राम) राममन्त्र। बुद्धिमान जनों को सिर्फ इसी मंत्र का जाप करना चाहिए।~आदि पुराण में तो बहुत सारा वर्णन दे रखा है लेकिन वहां से केवल एक श्लोक ही उदित कर रहा हूं।राम नाम सदा प्रेम्णा संस्मरामि जगद्गुरूम्।क्षणं न विस्मृतिं याति सत्यं सत्यं वचो मम ॥(श्री आदि-पुराण ~ श्री कृष्ण वाक्य अर्जुन के प्रति)मैं ! जगद्गुरु श्रीराम के नाम का निरंतर प्रेम पूर्वक स्मरण करता रहता हूँ, क्षणमात्र भी नहीं भूलता हूँ । अर्जुन मैं सत्य सत्य कहता हूँ ।~एक श्लोक शुक संहिता से भी उदित कर रहा हूं।रामस्याति प्रिय नाम रामेत्येव सनातनम्।दिवारात्रौ गृणन्नेषो भाति वृन्दावने स्थितः ।।वनिता कासनियां पंजाब द्वारा(श्री शुक संहिता)श्री राम नाम भगवान राम को सबसे प्रिय नाम है और यह नाम भगवान राघव का शाश्वत नाम है। श्रीराम के इस शाश्वत नाम का जप करने से भगवान कृष्ण वृंदावन में सुशोभित होते हैं।ऐसे अनेकों अनेक श्लोक और लिख सकता हूं लेकिन विस्तार भय के कारण आगे नहीं लिख रहा हूं।और अंत में एक मनुस्मृति के श्लोक से अपनी वाणी को विराम देती हूं:~सप्तकोट्यो महामन्त्राश्चित्तविभ्रमकारकाः ।एक एव परो मन्त्रो 'राम' इत्यक्षरद्वयम् ॥(मनुस्मृति)सात करोड़ महामंत्र हैं, वे सब के सब आपके चित्तको भ्रमित करनेवाले हैं। यह दो अक्षरोंवाला 'राम' नाम परम मन्त्र है। यह सब मन्त्रोंमें श्रेष्ठ मंत्र है । सब मंत्र इसके अन्तर्गत आ जाते हैं। कोई भी मन्त्र बाहर नहीं रहता। सब शक्तियाँ इसके अन्तर्गत हैं।(यह श्लोक सारस्त्व तंत्र में भी पाया जाता है)अवध के राजदुलारे श्रीरघुनंदन की जय❤️❤️

🪴जय श्री राम🪴 श्री कृष्ण द्वारा की गई राम नाम की महिमा का वर्णन कौन-कौन से ग्रंथ में किया गया है? श्रीकृष्ण द्वारा राम नाम की महिमा अनेक ग्रंथों में वर्णित है जैसे पद्मपुराण, आदिपुराण, श्रीमद् भुसुंडीरामायण, श्रीमद वाल्मीकियानंद रामायण इत्यादि। पद्म पुराण में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा राम नाम की महिमा का वर्णन अर्जुन के प्रति निम्न प्रकार है:~ अथ श्रीपद्मपुराण वर्णित रामनामामृत स्त्रोत श्रीकृष्ण अर्जुन संवाद~ अर्जुन उवाच~ १) भुक्तिमुक्तिप्रदातृणां सर्वकामफलप्रदं । सर्वसिद्धिकरानन्त नमस्तुभ्यं जनार्दन ॥ अर्थ:~ सभी भोग और मुक्ति के फल दाता, सभी कर्मों का फल देने वाले, सभी कार्य को सिद्ध करने वाले जनार्दन मैं आपको नमन करता हूं। २) यं कृत्वा श्री जगन्नाथ मानवा यान्ति सद्गतिम् । ममोपरि कृपां कृत्वा तत्त्वं ब्रहिमुखालयम्।। अर्थ:~हे श्रीजगन्नाथ! मनुष्य ऐसा क्या करें कि उसे अंत में सद्गति हो? वह तत्व क्या है? मेरे पर कृपा करके अपने ब्रह्ममुख से बताइए। श्रीकृष्ण उवाच~ १) यदि पृच्छसि कौन्तेय सत्यं सत्यं वदाम्यहम् । लोकानान्तु हितातार्थाय इह लोके परत्र च ॥ अर्थ:~ हे कुंती पुत्र! यदि तुम मुझसे पूछत...

🌺🪴स्वास्थ्य घरेलू नुस्खे 🪴🌺

🌺🪴स्वास्थ्य घरेलू नुस्खे🪴🌺                 अजवाइन बेहद गुणकारी पौधा.. लेकिन है क्या कोन सा पौधा हे ये… अजवाइन  की पत्तियों में संतुलित रूप से आयरन, सोडियम, पोटैशियम और कैल्शियम पाया जाता है, जो यूरीन से संबंधी समस्याओं को दूर करने में आपकी मदद कर सकता है। इसकी पत्तियों के इस्तेमाल से मस्तिष्क और पाचन नली में किसी भी तरह के सूजन और संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है।बारिश या फिर सर्दी का मौसम अजवाइन के पौधे को लगाने के लिए उपयुक्त समय है। दरअसल बारिश के मौसम में गर्माहट और ठंडक दोनों रहती है, जो पौधे के लिए नुकसानदायक नहीं है।जब पौधा ग्रो करने लगे तो इसे नियमित रूप से धूप दिखाएं. शुरुआत में इसे बस दो घंटे के लिए धूप में रखें. -जब अजवाइन का पौधा थोड़ा बड़ा हो जाए तो इसे चौड़े गमले में शिफ्ट कर दें. -बारिश या सर्दी का मौसम अजवाइन के पौधे को लगाने के लिए अच्छा समय हैअजवाइन के हरे पत्ते को ओरेगेनो (Oregano) के नाम से जाना जाता है। हां यह वही हर्ब है जिसको आप अपने पिज़्ज़ा के ऊपर शामिल कर बड़े चाव से इसका सेवन करती हैं। खास बात यह है कि अजवाइन...

यह वीडियो बहुत महत्वपूर्ण है । आप जिस किसी बड़े ग्रूप से जुड़े हो, उसमें भी इसे भेजो और परिवार के बच्चों को बताओ और सभी को सावधान करो

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बलुवाना न्यूज डीएसपी अबोहर ने अपनी टीम के साथ कन्या स्कूल के बाहर कड़ी नाकाबंदी कीआवारागर्दी करने वाले युवकों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जायेगा : डीएसपी सुखविंद्र सिंह बराड़अबोहर, 22 सितम्बर मोहाली कांड के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान व डीजीपी पंजाब गौरव यादव ने सभी पुलिस अधिकारियों को स्कूलों व कॉलेजों के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के निर्देश दिये हैं। फाजिल्का के एसएसपी भूपिंद्र सिंह व एसपीडी गुरविंद्र सिंह संघा के नेतृत्व मेंं डीएसपी अबोहर सुखविंद्र सिंह बराड़, नगर थाना के आर.जी. प्रभारी सर्बजीत सिंह, ट्रैफिक प्रभारी सुरिंद्र सिंह, एएसआई शेर सिंह व अन्य पुलिस पार्टी ने सरकारी कन्या सी.सै. स्कूल के बाहर स्कूल छुट्टी के समय कड़ी नाकाबंदी की और यहां घूमने वाले आवारा किस्म के युवकों को कड़ी चेतावनी दी। कुछ को पूछताछ करने के बाद छोड़ दिया। स्कूल प्रिंसीपल ने पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया। डीएसपी सुखविंद्र सिंह बराड़ ने कहा कि आवारागर्दी करे वाले युवकों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जायेगा। उन्होंने कहा कि स्कूलों व कॉलेजों के बाहर औचक चैकिंग भी की जायेगी और जो भी आवारागर्दी करते पकड़ा गया उसके खिलाफ सख्त कार्यवाई की जायेगी।फोटो 6 कन्या स्कूल के बाहर डीएसपी व अन्य पुलिस अधिकारी चैकिंग करते।

बलुवाना न्यूज डीएसपी अबोहर ने अपनी टीम के साथ कन्या स्कूल के बाहर कड़ी नाकाबंदी की आवारागर्दी करने वाले युवकों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जायेगा : डीएसपी सुखविंद्र सिंह बराड़ अबोहर, 22 सितम्बर  मोहाली कांड के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान व डीजीपी पंजाब गौरव यादव ने सभी पुलिस अधिकारियों को स्कूलों व कॉलेजों के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के निर्देश दिये हैं। फाजिल्का के एसएसपी भूपिंद्र सिंह व एसपीडी गुरविंद्र सिंह संघा के नेतृत्व मेंं डीएसपी अबोहर सुखविंद्र सिंह बराड़, नगर थाना के आर.जी. प्रभारी सर्बजीत सिंह, ट्रैफिक प्रभारी सुरिंद्र सिंह, एएसआई शेर सिंह व अन्य पुलिस पार्टी ने सरकारी कन्या सी.सै. स्कूल के बाहर स्कूल छुट्टी के समय कड़ी नाकाबंदी की और यहां घूमने वाले आवारा किस्म के युवकों को कड़ी चेतावनी दी। कुछ को पूछताछ करने के बाद छोड़ दिया। स्कूल प्रिंसीपल ने पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया। डीएसपी सुखविंद्र सिंह बराड़ ने कहा कि आवारागर्दी करे वाले युवकों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जायेगा। उन्होंने कहा कि स्कूलों व कॉलेजों के बाहर औचक चैकिंग भी की जायेगी और जो भ...

बलुवाना न्यूज सिविल अस्पताल के बाहर पुलिस ने लगाया नाका, नियमों की उल्लंघना करने वालें के काटे चालानअबोहर, 22 सितम्बर । फिरोजपुर के आईजी जसकरण सिंह, फाजिल्का के एसएसपी भूपिंद्र सिंह के दिशा निर्देशों पर एसपीडी गुरविंद्र सिंह संघा, डीएसपी बल्लुआना विभोर शर्मा, डीएसपी अबोहर सुखविंद्र सिंह संह द्वारा जिले को नशामुक्त करने तथा असामाजिक तत्वों के खिलाफ चलाए गए अभियान के तहत उनके दिशा निर्देशों का पालन करते हुए आवारा गर्दी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाई पुलिस द्वारा अमल में लाई जा रही है। जिसके तहत पुलिस ने सिविल अस्पताल के बाहर नाकाबंदी कर आवरागर्दी करने वालों के चालान काटे। इसके अलावा इन्फिल्ड मोटरसाईकिल चालकों के भी चालान काटे।फोटो:5 चालान काटती पुलिस।

बलुवाना न्यूज सिविल अस्पताल के बाहर पुलिस ने लगाया नाका, नियमों की उल्लंघना करने वालें के काटे चालान अबोहर, 22 सितम्बर । फिरोजपुर के आईजी जसकरण सिंह, फाजिल्का के एसएसपी भूपिंद्र सिंह के दिशा निर्देशों पर एसपीडी गुरविंद्र सिंह संघा, डीएसपी बल्लुआना विभोर शर्मा, डीएसपी अबोहर सुखविंद्र सिंह संह द्वारा जिले को नशामुक्त करने तथा असामाजिक तत्वों के खिलाफ चलाए गए अभियान के तहत उनके दिशा निर्देशों का पालन करते हुए आवारा गर्दी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाई पुलिस द्वारा अमल में लाई जा रही है। जिसके तहत पुलिस ने सिविल अस्पताल के बाहर नाकाबंदी कर आवरागर्दी करने वालों के चालान काटे। इसके अलावा इन्फिल्ड मोटरसाईकिल चालकों के भी चालान काटे। फोटो:5 चालान काटती पुलिस।

बलुवाना न्यूज नगर थाना पुलिस ने दो मोटरसाईकिल सहित तीन युवकों को काबू कियाअबोहर, 22 सितम्बर के आईजी जसकरण सिंह, फाजिल्का के एसएसपी भूपिंद्र सिंह के दिशा निर्देशों पर एसपीडी गुरविंद्र सिंह संघा, डीएसपी बल्लुआना विभोर शर्मा, डीएसपी अबोहर सुखविंद्र सिंह संह द्वारा जिले को नशामुक्त करने तथा असामाजिक तत्वों के खिलाफ चलाए गए अभियान के तहत उनके दिशा निर्देशों का पालन करते हुए नगर थाना के प्रभारी आर.जी. चार्ज सर्बजीत सिंह, चौकी सीडफार्म प्रभारी निर्मल सिंह व अन्य टीम सीडफार्म अजीतनगर की तरफ जा रही थी कि खास मुखबिर ने सूचना दी कि तीन युवक मोटरसाईकिल बेचने की फिराक में है। पुलिस ने मौके पर छापा मारा जहां आकाशदीप पुत्र सुखविंद्र सिंह वासी अजीत नगर व लवप्रीत वासी अबोहर, बलविंद्र सिंह अबोहर को काबू किया। तीनों आरोपियों से दो मोटरसाईकिल व एक खोला हुआ मोटरसाईकिल बरामद हुआ। तीनों को आज अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जायेगा। मामले की जांच जारी है।फोटो:4 पुलिस पार्टी व आरोपी।

बलुवाना न्यूज नगर थाना पुलिस ने दो मोटरसाईकिल सहित तीन युवकों को काबू किया अबोहर, 22 सितम्बर  के आईजी जसकरण सिंह, फाजिल्का के एसएसपी भूपिंद्र सिंह के दिशा निर्देशों पर एसपीडी गुरविंद्र सिंह संघा, डीएसपी बल्लुआना विभोर शर्मा, डीएसपी अबोहर सुखविंद्र सिंह संह द्वारा जिले को नशामुक्त करने तथा असामाजिक तत्वों के खिलाफ चलाए गए अभियान के तहत उनके दिशा निर्देशों का पालन करते हुए नगर थाना के प्रभारी आर.जी. चार्ज सर्बजीत सिंह, चौकी सीडफार्म प्रभारी निर्मल सिंह व अन्य टीम सीडफार्म अजीतनगर की तरफ जा रही थी कि खास मुखबिर ने सूचना दी कि तीन युवक मोटरसाईकिल बेचने की फिराक में है। पुलिस ने मौके पर छापा मारा जहां आकाशदीप पुत्र सुखविंद्र सिंह वासी अजीत नगर व लवप्रीत वासी अबोहर, बलविंद्र सिंह अबोहर को काबू किया। तीनों आरोपियों से दो मोटरसाईकिल व एक खोला हुआ मोटरसाईकिल बरामद हुआ। तीनों को आज अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जायेगा। मामले की जांच जारी है। फोटो:4 पुलिस पार्टी व आरोपी।

बलुवाना न्यूज सदर थाना पुलिस ने मोटरसाईकिल सहित दो चोरों को काबू किया, तीसरा फरारअबोहर, 22 सितम्बर फिरोजपुर के आईजी जसकरण सिंह, फाजिल्का के एसएसपी भूपिंद्र सिंह के दिशा निर्देशों पर एसपीडी गुरविंद्र सिंह संघा, डीएसपी बल्लुआना विभोर शर्मा, डीएसपी अबोहर सुखविंद्र सिंह संह द्वारा जिले को नशामुक्त करने तथा असामाजिक तत्वों के खिलाफ चलाए गए अभियान के तहत उनके दिशा निर्देशों का पालन करते हुए थाना सदर के प्रभारी बरजिंद्र सिंह, हैडकांस्टेबल कुलदीप सिंह व अन्य पुलिस पार्टी काला टिब्बा की तरफ जा रही थी। पुलिस पार्टी को एक चोरी का मोटरसाईकिल बेचने की सूचना मिली। पुलिस ने मौके पर छापा मारकर दो लोगों को काबू किया। एक मौके से फरार होगया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान कृष्ण लाल पुत्र रोशन लाल, निक्काराम पुत्र लालचंद को काबू किया गया। दो आरोपियों को आज अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जायेगा। तीसरा आरोपी सुखराम पुत्र गुरमीत सिंह वासी काला टिब्बा मौके से फरार हो गया। उसके पकडऩे के लिए छापामारी जारी है।फोटो:3, पुलिस पार्टी व आरोपी

बलुवाना न्यूज सदर थाना पुलिस ने मोटरसाईकिल सहित दो चोरों को काबू किया, तीसरा फरार अबोहर, 22 सितम्बर  फिरोजपुर के आईजी जसकरण सिंह, फाजिल्का के एसएसपी भूपिंद्र सिंह के दिशा निर्देशों पर एसपीडी गुरविंद्र सिंह संघा, डीएसपी बल्लुआना विभोर शर्मा, डीएसपी अबोहर सुखविंद्र सिंह संह द्वारा जिले को नशामुक्त करने तथा असामाजिक तत्वों के खिलाफ चलाए गए अभियान के तहत उनके दिशा निर्देशों का पालन करते हुए थाना सदर के प्रभारी बरजिंद्र सिंह, हैडकांस्टेबल कुलदीप सिंह व अन्य पुलिस पार्टी काला टिब्बा की तरफ जा रही थी। पुलिस पार्टी को एक चोरी का मोटरसाईकिल बेचने की सूचना मिली। पुलिस ने मौके पर छापा मारकर दो लोगों को काबू किया। एक मौके से फरार होगया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान कृष्ण लाल पुत्र रोशन लाल, निक्काराम पुत्र लालचंद को काबू किया गया। दो आरोपियों को आज अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जायेगा। तीसरा आरोपी सुखराम पुत्र गुरमीत सिंह वासी काला टिब्बा मौके से फरार हो गया। उसके पकडऩे के लिए छापामारी जारी है। फोटो:3, पुलिस पार्टी व आरोपी

बलुवाना न्यूज रेलवे स्टेशन को जाने वाले रास्ते पर ठेकेदार ने अधूरा छोड़ा काम, दुकानदार परेशानअबोहर, 22 सितम्बर एक तरफ जहां शहर में विकास कार्यों के बड़े बड़े दावे किये जा रहे हैं वहीं अधूरे पड़े विकास कार्य लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। ठेकेदारों द्वारा जगह जगह विकास के नाम पर खड्डे बना दिए गए हैं जिससे आमजन को भारी दिक्कतें आ रही हैं। रेलवे स्टेशन को जाने वाली रोड पर ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य बीच में छोड़ दिया गया है जिससे यहां के दुकानदारों का काम काज ठप्प होकर रह गया है। दुकानदारों का कहना है कि इससे अच्छा तो विकास कार्य शुरू ही न करवाये जाते। अब अधूरे पड़े विकास कार्य कोढ़ में खाज का काम कर रहे हैं। उन्होंने नगर निगम से मांग की है कि इस सडक़ का निर्माण जल्द से जल्द पूरा करवाया जाये।,फोटो:2, सडक़ पर अधूरा पड़ा काम

बलुवाना न्यूज रेलवे स्टेशन को जाने वाले रास्ते पर ठेकेदार ने अधूरा छोड़ा काम, दुकानदार परेशान अबोहर, 22 सितम्बर   एक तरफ जहां शहर में विकास कार्यों के बड़े बड़े दावे किये जा रहे हैं वहीं अधूरे पड़े विकास कार्य लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। ठेकेदारों द्वारा जगह जगह विकास के नाम पर खड्डे बना दिए गए हैं जिससे आमजन को भारी दिक्कतें आ रही हैं। रेलवे स्टेशन को जाने वाली रोड पर ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य बीच में छोड़ दिया गया है जिससे यहां के दुकानदारों का काम काज ठप्प होकर रह गया है। दुकानदारों का कहना है कि इससे अच्छा तो विकास कार्य शुरू ही न करवाये जाते। अब अधूरे पड़े विकास कार्य कोढ़ में खाज का काम कर रहे हैं। उन्होंने नगर निगम से मांग की है कि इस सडक़ का निर्माण जल्द से जल्द पूरा करवाया जाये। , फोटो:2, सडक़ पर अधूरा पड़ा काम

बलुवाना न्यूजमंदबुद्धि लडक़ी के साथ बलात्कार करने वाला आरोपी पुलिस रिमांड परअबोहर, 22 सितम्बर । फाजिल्का के एसपीडी गुरविंद्र सिंह संघा, डीएसपी बल्लुआना देहाती विभोर शर्मा ने बताया कि थाना बहाववाला पुलिस ने मंदबुद्धि लडक़ी के साथ बलात्कार करने वाला आरोपी हरचरण सिंह उर्फ बिल्ला पुत्र अमर सिंह वासी बहाववाला को काबू करने में सफलता हासिल की है। आरोपी को न्यायाधीश अर्जुन सिंह की अदालत में पेश किया गया। योग्य न्यायाधीश ने उसे पूछताछ के लिए दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। उन्होंने बताया कि लडक़ी का मेडीकल करवा दिया गया है। लडक़ी के 164 के बयान करवाये जायेंगे। मिली जानकारी के अनुसार थाना बहाववाला पुलिस ने लडक़ी की माता के बयानों के आधार पर मुकदमा नं. 97, 19.09.22 भांदस की धारा 376, 4 पोस्को एक्ट के तहत हरचरण सिंह उर्फ बिल्ला के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उन्होंने बताया कि मेरी लडक़ी घर में अकेली थी। हरचरण सिंह उसे बहला फुसलाकर कहीं ले गया और उसके साथ बलात्कार किया। लडक़ी ने शाम को अपनी मां को बताया। उसके आधार पर पुलिस ने कार्यवाई की है।,फोटो:1, पुलिस पार्टी व आरोपी।

बलुवाना न्यूज मंदबुद्धि लडक़ी के साथ बलात्कार करने वाला आरोपी पुलिस रिमांड पर अबोहर, 22 सितम्बर । फाजिल्का के एसपीडी गुरविंद्र सिंह संघा, डीएसपी बल्लुआना देहाती विभोर शर्मा ने बताया कि थाना बहाववाला पुलिस ने मंदबुद्धि लडक़ी के साथ बलात्कार करने वाला आरोपी हरचरण सिंह उर्फ बिल्ला पुत्र अमर सिंह वासी बहाववाला को काबू करने में सफलता हासिल की है। आरोपी को न्यायाधीश अर्जुन सिंह की अदालत में पेश किया गया। योग्य न्यायाधीश ने उसे पूछताछ के लिए दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। उन्होंने बताया कि लडक़ी का मेडीकल करवा दिया गया है। लडक़ी के 164 के बयान करवाये जायेंगे। मिली जानकारी के अनुसार थाना बहाववाला पुलिस ने लडक़ी की माता के बयानों के आधार पर मुकदमा नं. 97, 19.09.22 भांदस की धारा 376, 4 पोस्को एक्ट के तहत हरचरण सिंह उर्फ बिल्ला के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उन्होंने बताया कि मेरी लडक़ी घर में अकेली थी। हरचरण सिंह उसे बहला फुसलाकर कहीं ले गया और उसके साथ बलात्कार किया। लडक़ी ने शाम को अपनी मां को बताया। उसके आधार पर पुलिस ने कार्यवाई की है। , फोटो:1, पुलिस पार्टी व आरोपी।

70 साल के इंतजार के बाद भारत की सरजमीं पर नाबीमिया से लाए गए चीतों ने अपना पहला कदम रखा। #पीएम_मोदी के हाथों से सभी को विशेष बक्से से मुक्त किया गया।पूरी दुनिया में #भारत #मां का मान सम्मान बढ़ाने वाले, हमारे देश के यशस्वी #प्रधानमंत्री #श्री नरेंद्र मोदी जी को जन्‍मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। आपके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु जीवन की ईश्वर से प्रार्थना करती हूँ।Narendra Modi #BJP INDIA #NarendraModi #NarendraModiji #BJP4IND#vidhayakसभी 8 चीतों को अगले 30 दिन एक्सपर्ट की निगरानी में रखा जा रहा है। सामने आई वीडियो में बक्से से बाहर निकलने के बाद चीते थोड़े डरे सहमे दिखे, बाद में चहलकदमी करते हुए आगे कूनो नेशनल पार्क में विशेष रूप से बनाए गए बाड़े की ओर प्रस्थान कर गए। जहां अगले 30 दिनों तक नाबीमिया और भारत के जुलॉजिकल एक्सपर्ट निगरानी रखेंगे। पीएम मोदी बाद में नाबीमिया से आए जूलॉजिकल एक्सपर्ट से कुछ देर तक चर्चाएं की। नाबीमिया के सरकार को इसके लिए आभार व्यक्त किया। हालांकि उन्होंने इस मौके पर #देशवासियों से कहा है कि उन्हें चीतों को देखने के लिए कुछ और वक्त का इंतजार करना पड़ सकता है। रिपोर्टस के अनुसार अगले 5 सालों में भारत में चीतों की संख्या को और बढ़ाया जाएगा। ऐसा माना जाता है कि किसी भी जूलॉजिकल पार्क में चीतों को ज्यादा सहज बनाने के लिए इसकी संख्या 20-24 के बीच ज्यादा सुरक्षित मानी जाती है।जानें चीतों की औसतन कीमतदरअसल, हाल में चीता के चर्चा में होने के कारण कई लोग ये जानने को उत्सुक हैं कि इसकी औसतन कीमत क्या होती है। काफी रिसर्च के बाद सामने आई जानकारी के बाद ऐसा माना जाता है कि चीते के शावक( बच्चे) की औसतन कीमत 3-16 लाख रुपये की बीच आंकी गई है। हालांकि इसकी खरीद या बिक्री गैरकानूनी मानी जाती है। वहीं अगर बात की जाए इसके रख-रखाव की तो सामने आई रिपोर्टस के अनुसार इसके रख-रखाव में सालाना 1-14 लाख तक की खर्च आंकी जाती है।चीते को चीता रखने के लिए रोजाना 3-6 किलो मांस की जरुरतचीते को सबसे फुर्तीला जानवर माना जाता है। चीता केवल 3 सेकंड में 96 किमी/घंटे. की रफ्तार को प्राप्त करने में सक्षम होता है और यह अधिकतम 120 किमी/प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकता है। और यह सब वह तब कर पाता है जब वह भरपुर मात्रा में अपने डायट को मेंटेन करता है। एक्सपर्ट का मानना है कि चीते को सक्रिय रखने के लिए उसे भरपुर मात्रा में प्रोटीन की जरूरत होती है। और उसके लिए उसे प्रत्येक दिन कम से कम एक बार में 3 से 6 किलो फ्रेस मीट की जरूरत होती है।Vnita Kasnia Punjab दुनिया का सबसे फुर्तीला जानवर होने के बावजूद शिकार करने में बाघ से पीछेऐसा माना जाता है कि चीते की शिकार करने की दर बाकी जानवरों से कम होती है। एक्सपर्ट कहते हैं कि चीता 10 बार में से केवल 4 बार अपने शिकार को सफलता पूर्वक हासिल कर पाता है जबकि बाघ 10 में से 9 बार शिकार करने में सफल रहता है। कहा जाता है कि चीता के पास शिकार करने के लिए केवल 1 मिनट का समय होता है। यह ऐसा इसलिए होता है कि चीता जब अपने शिकार के लिए दौड़ता है तो वह एक मिनट से ज्यादा उस रफ्तार को बरकरार नही रख पाता क्योकिं तेज रफ्तार से दौड़ने के बाद चीते की शारीरिक तापमान बढ़ जाती है और वह अचानक से असहज हो जाता है। सामान्यत: चीते की शारीरिक तापमान 38 डिग्री होती है लेकिन जब वह किसी शिकार के लिए दौड़ता है तो यही तापमान बढ़कर 40 डिग्री हो जाती है और फिर चीता पहले की गति को बरकरार रखने में असहज हो जाता है।70 साल बाद #CheetahIsBack!#भारत में चीते की पुनः वापसी वन्यजीव संवर्धन एवं प्रकृति संरक्षण के लिए ऐतिहासिक क्षण है। देश से विलुप्त हो चुके चीतों का पुनर्वास कर भारत भूमि को इनके स्वच्छंद विचरण का सौभाग्य देने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का आभार ।।#CheetahReturns

70 साल के इंतजार के बाद भारत की सरजमीं पर नाबीमिया से लाए गए चीतों ने अपना पहला कदम रखा। #पीएम_मोदी के हाथों से सभी को विशेष बक्से से मुक्त किया गया। पूरी दुनिया में #भारत #मां का मान सम्मान बढ़ाने वाले, हमारे देश के यशस्वी #प्रधानमंत्री #श्री नरेंद्र मोदी जी को जन्‍मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।  आपके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु जीवन की ईश्वर से प्रार्थना करती हूँ। Narendra Modi #BJP INDIA  #NarendraModi  #NarendraModiji  #BJP4IND #vidhayak सभी 8 चीतों को अगले 30 दिन एक्सपर्ट की निगरानी में रखा जा रहा है। सामने आई वीडियो में बक्से से बाहर निकलने के बाद चीते थोड़े डरे सहमे दिखे, बाद में चहलकदमी करते हुए आगे कूनो नेशनल पार्क में विशेष रूप से बनाए गए बाड़े की ओर प्रस्थान कर गए। जहां अगले 30 दिनों तक नाबीमिया और भारत के जुलॉजिकल एक्सपर्ट निगरानी रखेंगे। पीएम मोदी बाद में नाबीमिया से आए जूलॉजिकल एक्सपर्ट से कुछ देर तक चर्चाएं की। नाबीमिया के सरकार को इसके लिए आभार व्यक्त किया। हालांकि उन्होंने इस मौके पर #देशवासियों से कहा है कि उन्हें चीतों को देखने क...